....बादल से आवारगी...हवाओ से पैगाम लिया करते है.....
.....सितारों से चांदनी .....निगाहों से जाम लिया करते है......
.......लोग कहते है इंसान... करिश्मा कुदरत का है.......
........फिर क्यों आईने ...अक्सों से इंतकाम लिया करते है......
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