....हर बार ज़ख्म खाया जब की तेरी चाहत.......
...तुम ने किसी और को चुनना था चुन लिया......
....जो राज़ थे दिल में मेरे....उसे तेरी आँखों से सुन लिया......
....होना नहीं है ठीक मोहोब्बत ज़माने में आज कल .....
....जो हुवे तेरे दर पर रुसवा ...तो मयखानों को चुन लिया......
....यारो से न की यारी ...न फूलो से मोहब्बत.......
....हर बार ज़ख्म खाया जब की तेरी चाहत......
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